जगन्नाथ मंदिर से कलियुग अंत का संकेत

जगन्नाथ मंदिर के ऊपर फिर बैठी दिखी चील, 15 दिनों में दोबारा हुआ ऐसा

2 सितंबर 2025 को श्रीमंदिर पतितपावन बाना (ध्वजा) के ऊपर एक चील को देखा गया था। सिर्फ इतना ही नहीं, महज 2 दिन के बाद 4 सितंबर को भी एक चील सिंहद्वार के सामने स्थित अरुण स्तंभ पर बैठी पायी गयी। इन नकारात्मक संकेतों का दौर यहीं नहीं थमा, आज 16 सितंबर 2025 को सुबह-सुबह एक चील को फिर श्रीमंदिर के ऊपर बैठा देखा गया।

विदित हो कि महापुरुष अच्युतानंद दास ने आज से लगभग 600 साल पहले ही अपने मालिका ग्रंथ ‘जइ बिरचित चउतिशा’ में लिख दिया था-

“ବସିବ ଯେ ଗୃଧ ପକ୍ଷୀ ତୋ ଦେଉଳ ଚୁଳେ”

अर्थात, कलियुग-अंत में श्रीमंदिर के शिखर पर अपशकुन या अशुभसूचक पक्षी बैठेंगे।

विगत कई वर्षों से ऐसी घटनाओं का सच होना और मीन-शनि योग की अवधि के बीच इधर बार-बार फिर ऐसा होना यह दर्शाता है कि भगवान कल्कि की संहार लीलाएं अत्यंत निकट हैं।